सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि—धार्मिक ब्रह्माण्ड-दृष्टि में समय के चार चरण।
सत्य, तप और पूर्ण धर्म का प्रतीक
मर्यादा, राजधर्म और रामकथा का युग
जटिल धर्म, कृष्ण और महाभारत का युग
वर्तमान युग और साधना की सरलता का विचार